- साँस
- संवाद
- गति
- आत्मा
Ik' वह साँस है जो जल के बाद आती है। जहाँ Imix अनगढ़ है, वहाँ Ik' पहला उच्चारण है — सरकंडे से होकर निकाली गई हवा, ज़ोर से कहा गया एक नाम, एक गीत। यह nawal माया परंपरा का वह पुराना भाव सहेजता है कि साँस और आत्मा एक ही शब्द साझा करते हैं: जो तुम्हारे फेफड़ों से होकर गुज़रता है, वही संसार से होकर भी गुज़रता है।
Ik' के नीचे जन्मे लोगों का भाषा से अक्सर तेज़ रिश्ता होता है। वे चीज़ों को सटीक नाम देते हैं, कई बार इतना सटीक कि असहज लगे। इस चिह्न में एक बेचैनी है — बातचीत में, कमरों में, वचनों में ताज़ी हवा की ज़रूरत — और उन समूहों के बीच संदेश ले जाने की एक विशेष क्षमता, जो आपस में एक-दूसरे को ठीक से देख नहीं पाते।
Ik' के दिन विचार बहते हैं। फ़ोन ठीक से लगते हैं। जो मसौदे अटके पड़े थे, उनके चारों ओर की हवा बदलने से वे ढीले होकर सरकने लगते हैं। इसकी छाया तरफ़ है बिखराव — बहुत सारी खिड़कियाँ खुली हुईं, और कोई एक दीया भी हवा से बचा हुआ नहीं।
Ik' से शुरू होने वाली trecenas अक्सर संवादप्रधान, तेज़-रफ़्तार और थोड़ी खुली हुई होती हैं। जब हवा अपना काम कर रही हो, तब अपने साथ कुछ ऐसा रखो जो तुम्हें थामे रहे।
